चक्रवाती तूफान निसर्ग महाराष्ट्र से टकराया

सीएम उद्धव ठाकरे ने क्या करें और क्या न करें की जारी की सूची

मुंबई। तूफान निसर्ग महाराष्ट के अलीबाग तट से टकरा गया है व समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं। मालुम हो कि मुंबई से अलीबाग 95 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है। अब यह धीरे-धीरे मुंबई और ठाणे की ओर बढ़ रहा है। लैंडफाल की प्रक्रिया शुरू हो गई है जो अगले तीन घंटे तक चलेगी। इसी के साथ रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग सहित कई इलाकों में तेज बारिश और हवाएं चल रही हैं। राज्य में एनडीआरएफ की 21 टीमें तैनात हैं और करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। इसके अलावा कोस्ट गार्ड की टीमों को भी प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।
सीएम उद्धव ठाकरे ने क्या करें और क्या न करें की जारी की सूची
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग के मद्देनजर क्या करें और क्या न करें की सूची बुधवार को जारी की। इस चक्रवात ने रायगढ़ के अलीबाग शहर में दस्तक दी है और इसका असर मुंबई, पालघर और ठाणे समेत अन्य तटीय जिलों पर भी पड़ेगा।
ट्विटर पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे टीवी और रेडियो पर आधिकारिक दिशा निर्देशों पर ध्यान दें और अफवाहों पर ध्यान न दें या उन्हें न फैलाएं। ठाकरे ने कहा कि लोग अपने घरों के बाहर रखी ढीली चीजों को बांधें और बैटरी से चलने वाले उपकरणों का नियमित तौर पर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति मिट्टी से बने घर या झोंपड़ी में नहीं रह रहा है तो उसे अपने घर का एक कोना चुनना चाहिए जहां आपात स्थिति में शरण ली जा सके और इसका अभ्यास करना चाहिए कि चक्रवात के दौरान परिवार के सभी सदस्य इस स्थान का इस्तेमाल कैसे करेंगे। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हवाएं
तूफान आगामी तीन घंटे में मुंबई और ठाणे जिलों में पहुंचेगा। आईएमडी ने बताया कि चक्रवात के कारण इस समय 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।
 छह चौपाटियों में गार्ड तैनात
बीएमसी ने बताया कि दमकलकर्मी अलर्ट पर हैं और मुंंबई में छह चौपाटियों में 93 गार्ड तैनात हैं। मुंबई में विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आठ दलों और नौसेना के पांच दलों को तैनात किया गया है। बीएमसी ने किसी आपात स्थिति में लोगों से मदद के लिए 1916 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने की भी अपील की।
शहर में सड़कों पर लगे 5,000 सीसीटीवी कैमरों की मदद से आपदा नियंत्रण कक्ष से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बीएमसी ने बताया कि जलभराव से बचने के लिए शहर में छह पम्पिंग स्टेशनों पर 300 से अधिक पम्प लगाए गए हैं और पर्याप्त कर्मियों को तैनात किया गया है।
जर्जर हालत वाली इमारतों का निरीक्षण किया गया और उनमें रह रहे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। बीएमसी ने बताया कि पेड़ की टहनियों को काटने और तेज हवा चलने से गिरने वाले पेड़ों को हटाने के लिए नगर निकाय के 96 दलों को तैनात किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि ‘निसर्ग चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया के दोपहर चार बजे तक पूरा हो जाने का अनुमान है। आईएमडी ने एक बयान में कहा, बादल का दाहिना हिस्सा महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र, खासकर रायगढ़ जिले से होकर गुजर रहा है।
गुजरात के द्वारका समुद्र तट पर हाई टाइड और तेज हवाएं चल रही हैं। बता दें कि गुजरात में भी एनडीआरएफ की 20 से ज्यादा टीमों को तैनात किया गया है।
एनडीआरएफ ने कहा , दमन से करीब तीन हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।  एनडीआरएफ प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा- महाराष्ट्र और गुजरात में एनडीआरएफ की 43 टीम तैनात है। 21 टीम महाराष्ट्र में तैनात है। करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रत्नागिरी इलाके में तूफान के चलते तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है।

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