वसीम रिजवी ने 350 मुस्लिम ग्रंथों का रेफरेंस लेकर लिखी किताब ‘मोहम्मद

लखनऊ (लाइवभारत24)। शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी फिर धर्म को लेकर विवादों में हैं। इस बार उन्होंने एक किताब लिखकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। वसीम रिजवी ने गाजियाबाद के डासना के महाकाली मंदिर में दर्शन करने के बाद महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से अपनी किताब ‘मोहम्मद’ का विमोचन कराया। अब इस किताब में विवादित तथ्य बताते हुए इसे बैन करने की मांग उठ रही है। तमाम मुस्लिम धर्मगुरुओं ने रिजवी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर इसे तुरंत बैन करने की मांग की है। वसीम रिजवी का दावा है कि किताब पूरी तरह फैक्ट्स पर आधारित है। इसे लिखने के लिए 350 से ज्यादा किताबों और मुस्लिम ग्रंथों का रेफरेंस लिया गया है। रिजवी कहते हैं कि ‘इस्लाम दुनिया में क्यों आया और इतना आतंकवादी विचार क्यों रखता है?’ इसी को यह किताब उजागर करती है। यह किताब धर्मांतरण को रोकेगी। इस्लाम की कट्टरपंथी विचारधारा लोगों को समझाएगी। इस्लाम किस तरह से फैला है और इसका मकसद क्या है? ये भी इस किताब से पता चलेगा।

शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने रिजवी की किताब को बैन किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी ने दुनिया के तमाम मुसलमानों के जज्बातों को ठेस पहुंचाई है। रिजवी ने कुरान की मुखालफत की है। हम हिन्दुस्तानी हुकूमत से मांग करते हैं कि किसी भी मजहब के खिलाफ ऐसी बातें लिखना और पैगंबर की मुखालफत करना, किसी भी तरीके से वाजिब नहीं ठहराया जा सकता। किताब का नाम भी तौहीन के अंदाज में लिखा गया है। इस मामले में रिजवी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और किताब को बैन किया जाए।
वसीम रिजवी पहले भी इस्लाम की खिलाफत करते रहे हैं। उन्होंने कुरान की चुनिंदा आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका तर्क था कि कुरान की 26 आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं। मामला काफी दिनों तक चर्चा में रहा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। शीर्ष कोर्ट ने रिजवी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा भी कई मर्तबा रिजवी अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहे हैं।

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