गर्भपात परिवार नियोजन का कोई साधन नहीं: डॉ ऋचा

भारत में 15.6 मिलियन महिलाएं प्रति वर्ष कराती हैं गर्भपात

लखनऊ(लाइवभारत24)। एक स्टडी के अनुसार भारत में १५ से ४९ वर्ष की १५.६ मिलियन महिलाएं प्रति वर्ष गर्भपात कराती हैं जिसमें ५% से ७% गर्भपात अप्रशिक्षित लोगों द्वारा असुरक्षित तरीकों से किया जाता है। जिसके कारण महिलाओं को विभिन्न स्वस्थ्य सम्बंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है तथा इससे मातृ मृत्यु दर में भी वृद्धि होती है। यह बात फॅमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया, लखनऊ के द्वारा एक “यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार तथा सुरक्षित गर्भ समापन” के महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित मीडिया मीट में उपस्थित विशेषज्ञों ने कही। इसका आयोजन होटल इंडिया अवध में किया गया था जिसमें डॉ अलका जैन, डॉ ऋचा, श्रीमती अम्रुता घाणेकर, कमाल रिज़वी प्रमुख वक्ता थे। अपनी बात रखते हुए डॉ ऋचा जो की मुंबई से वर्चुअल माध्यम से जुड़ी थीं ने बताया कि गर्भपात परिवार नियोजन का कोई साधन नहीं है। अतः यह बहुत ज़रूरी है की सभी को परिवार नियोजन की उचित जानकारी, साधन और सेवायें समय से उपलब्ध हो। इसके लिए फॅमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया समुदाय स्तर पर महिलाओँ, किशोर- किशोरियों और युवाओं के लिए सरकार के साथ मिलकर यौन एवं प्रजनन स्वस्थ्य सम्बंधित जानकारी, परामर्श, सेवायें एवं जागरूकता के कार्यक्रम कर रही है।

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