दिल्ली में वेंटिलेटर वाले सिर्फ 250 बेड खाली, 60 अस्पतालों में जगह नहीं

नई दिल्ली (लाइवभारत24)। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के सामने इलाज की सुविधाएं बौनी नजर आने लगी हैं। दिल्ली में वेंटिलेटर वाले केवल 250 ICU ही खाली हैं। वहीं, 60 अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं बची है। दिल्ली सरकार के ऑनलाइन कोरोना डेशबोर्ड से यह जानकारी मिली। दिल्ली में बुधवार को संक्रमण के 5 हजार 246 केस मिले थे। जानकारों ने बढ़ती सर्दी और खराब होती एयर क्वालिटी की वजह से केस बढ़ने की आशंका जताई है। दिल्ली के जिन अस्पतालों में जगह नहीं है, उनमें केंट का बेस हॉस्पिटल, उत्तरी रेलवे हॉस्पिटल, सर गंगाराम हॉस्पिटल, बत्रा हॉस्पिटल, VIMHANS और इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल शामिल हैं। दिल्ली में एक महीने से भी कम समय में कोरोना से 2 हजार 300 जानें जा चुकी हैं। देश में फिर एक बार नए केस ज्यादा रहे और इसके मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम रही। इससे एक्टिव केस में बढ़ोतरी हो गई। बीते 24 घंटे में 44 हजार 699 नए केस आए, 36 हजार 582 मरीज ठीक हुए और 518 की मौत हो गई। इस तरह इलाज करा रहे मरीजों की संख्या, यानी एक्टिव केस में 7586 की बढ़ोतरी हो गई। यह 19 अगस्त के बाद सबसे ज्यादा है। तब 8847 मरीज बढ़े थे। कुल एक्टिव केस का आंकड़ा भी नौ दिन बाद बढ़कर साढ़े चार लाख के पार हो गया है। इससे पहले 16 नवंबर को 4.53 लाख एक्टिव केस थे। यह घटते हुए 23 नवंबर को सबसे कम 4.37 हजार हो गए थे। देश में अब तक कोरोना के 92.66 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 86.77 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं और 1.35 लाख की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।  कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने भारत में कमर्शियल इंटरनेशनल फ्लाइट्स की आवाजाही पर रोक 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। हालांकि, इस दौरान वंदे भारत मिशन के तहत जाने वाली खास उड़ानें जारी रहेंगी। इससे पहले DGCA ने इंटरनेशनल फ्लाइट पर रोक 30 नवंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया था। शेड्यूल कमर्शियल इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर रोक 8वीं बार बढ़ाई गई है। 23 मार्च से DGCA ने इंटरनेशनल फ्लाइट पर 24 मार्च से घरेलू उड़ानों पर रोक लगा दी थी। घरेलू उड़ानों को 25 मई से सख्त गाइडलाइन के साथ शुरू कर दिया गया था। इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर लगी रोक को पहली बार 14 अप्रैल को बढ़ाया गया था। तब यह रोक 3 मई तक कर दी गई थी। तब से इसे हर महीने बढ़ाया जा रहा है। देश में अब 20 राज्य ऐसे हैं, जहां एक्टिव मरीजों की संख्या फिर से बढ़नी शुरू हो गई है। इसमें उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल भी शामिल हैं। इन राज्यों में हर दिन ठीक होने वाले मरीजों से ज्यादा नए केस आ रहे हैं। मतलब यहां कोरोना की दूसरी लहर ने आहट दे दी है। अगर यही आलम रहा तो अगले 3-4 दिन में पूरे देश में दूसरी लहर शुरू हो सकती है।  राजधानी दिल्ली में फिलहाल स्कूल बंद ही रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को कहा कि जब तक स्कूलों में स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर चिंताएं दूर नहीं होतीं, तब तक स्कूल खोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को यूपी में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। कोर्ट ने राज्य सरकार को सोशल डिस्टेंसिंग और फेस मास्क के नियमों का सख्ती से पालन कराने, साथ ही उन पर ड्रोन से नजर रखने का आदेश दिया। पंजाब के सभी शहरों में 1 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू रहेगा। यह कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। इसके अलावा कोरोना से जुड़े नियम तोड़ने पर 1000 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और वेडिंग वेन्यू रात साढ़े नौ बजे तक बंद करने होंगे।
लखनऊ में 1 दिसंबर तक धारा-144 लागू कर दी गई है। इस दौरान एकसाथ 4 लोग से ज्यादा एक जगह पर नहीं जुट सकेंगे। प्रशासन ने हिदायत दी है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र ने बुधवार को कोरोना पर नई गाइडलाइन जारी की। इसमें राज्यों से सख्ती और सावधानी बरतने को कहा गया। राज्यों को हालात के हिसाब से पाबंदियां लागू करने की छूट दी गई है। वे कंटेनमेंट जोन में नाइट कर्फ्यू भी लगा सकते हैं। हालांकि, कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र की मंजूरी लेनी होगी। यह गाइडलाइन 1 दिसंबर से लागू होगी। मध्यप्रदेश के सागर में तैनात कोविड-19 मेडिकल ऑफिसर शुभम उपाध्याय की बुधवार को कोरोना से मौत हो गई। वे 26 साल के थे। उन्होंने भोपाल के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली। वे सागर के सरकारी बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पोस्टेड थे।

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