किसानों की भूख हड़ताल दिल्ली बॉर्डर पर जारी

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल के उपवास को नौटंकी बताया

नई दिल्ली (लाइवभारत24)। किसानों के आंदोलन का आज 19वां दिन है। दिल्ली की सीमाओं पर किसान आज भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने किसानों की भूख हड़ताल को समर्थन देते हुए आज उपवास रखा है। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी उपवास करने की अपील की है। उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल के उपवास को नौटंकी बताया।

इस बीच भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के प्रेसिडेंट गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि सरकार MSP पर सभी को गुमराह कर रही है। एक तरफ भाजपा यह प्रचार कर रही है कि MSP जारी रहेगी। उधर, गृह मंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर को हमारे साथ मीटिंग में कहा था कि सरकार सभी 23 फसलों को MSP पर नहीं खरीद सकती, क्योंकि इस पर 17 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के मुद्दे पर आज फिर मीटिंग की।
किसान आज सभी जिला मुख्यालयों पर आज धरना भी देंगे। उधर, राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर शाहजहांपुर में लगातार दूसरे दिन किसानों का धरना जारी है।
RSS से जुड़ा संगठन स्वदेशी जागरण मंच भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सपोर्ट कर रहा है। संगठन का कहना है कि किसानों को MSP की गारंटी मिलनी चाहिए। इससे कम कीमत पर खरीद को गैर-कानूनी घोषित करना चाहिए। किसानों को दिल्ली की सीमाओं से हटाने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट 16 दिसंबर को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच में इसकी सुनवाई होगी। अर्जी लगाने वाले लॉ स्टूडेंट ऋषभ शर्मा का कहना है कि किसान आंदोलन के चलते सड़कें जाम होने से लोग परेशान हो रहे हैं। साथ ही कोरोना संक्रमण बढ़ने का भी खतरा है।
भारतीय किसान यूनियन (भानू) के 3 नेताओं के इस्तीफे पर BKU के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों में कोई फूट नहीं है। जिन 3 नेताओं ने इस्तीफा दिया है, वे अपने संगठन के अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह से नाराज थे।
किसान आंदोलन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह सक्रिय हो गए हैं। अभी तक शाह की किसानों के साथ एक ही बैठक हुई है, लेकिन अब हर मुद्दा वे खुद देख रहे हैं। इसे लेकर पिछले 2 दिन में शाह 5 से ज्यादा बैठक कर चुके हैं। सरकार हर राज्य के किसानों के लिए अलग स्ट्रैटजी बना रही है। किसानों को मनाने और आंदोलन खत्म कराने के लिए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अलग-अलग राज्यों और यूनियनों की जिम्मेदारी दी गई है। ये दोनों सभी से अलग-अलग बात करेंगे। लेकिन, पंजाब के किसान नेताओं की जिम्मेदारी अमित शाह ने अपने पास रखी है।
दोनों पक्ष बातचीत की स्ट्रैटजी बनाने में जुटे हैं। किसान नेताओं ने कहा है कि सरकार से चर्चा के लिए जाने वाले किसानों की संख्या कम की जाएगी। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमें नजर रखने की जरूरत है, ताकि कोई गलत तत्व हमारे बीच न हो। वहीं शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूरे मुद्दे पर चर्चा की है और जल्द ही किसानों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा।

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