अपनी हाइब्रिड स्कूल प्रणाली के साथ लखनऊ के स्कूलों को 2021 में 100 फीसदी पूर्ण स्कूली शिक्षा देने के लिए सशक्त बनाने को तैयार है लीड स्कूल

लखनऊ (लाइवभारत24)। वर्तमान महामारी के दौर में स्कूली शिक्षा की दुनिया मंे आए व्यवधानों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की जिंदगी को बहुत प्रभावित किया है। छात्रों और शिक्षकों के बीच आमने-सामने का संवाद पूरी तरह थम गया और लंच ब्रेक में स्कूलों में नजर आने वाली गहमा-गहमी और चंचल बच्चों की किलकारियों की गूंज भी शांत हो गई। ऐसे माहौल में ही ज्यादातर स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास के जरिये स्कूली पाठ्यक्रम को पूरा करने का प्रयास किया। और अब जबकि स्कूलों में सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू होने लगी हैं, ऐसे में यह उम्मीद की जा सकती है कि विद्यार्थियों के लिए एक बार फिर से लर्निंग प्रक्रिया पहले की तरह ही शुरू हो जाएगी। इन्हीं स्थितियों के बीच छात्रों को लर्निंग के ‘न्यू नॉर्मल’ के लिए तैयार करने के उद्देश्य से, मुंबई स्थित एडटेक कंपनी लीड स्कूली छात्रों को 2021 में 100 फीसदी पूर्ण स्कूली शिक्षा देने के लिए अपने हाइब्रिड स्कूल प्रणाली के साथ शहर के स्कूलों को सशक्त बनाने मदद कर रही है।

भारत का पहला और एकमात्र अनूठा समाधान- हाइब्रिड स्कूल सिस्टम स्कूलों को छात्र के प्रदर्शन की निगरानी करने की अनुमति देता है, स्कूल मोड (ऑफलाइन व ऑनलाइन, दोनों) के बीच स्विच करने का विकल्प देता है, स्कूलों को उन दिनों को तय करने देता है जिन पर छात्र ऑनलाइन कक्षा या फिजिकल स्कूल में भाग लेंगे, नए विषय जोड़ने से लेकर प्रति कक्षा में शिक्षकों को आवंटित करने तक, यह सभी में मददगार है। सभी 1500 से अधिक लीड पार्टनर स्कूलों ने हाइब्रिड स्कूल सिस्टम को अपनाया है और अपनी विश्व स्तरीय शिक्षण शिक्षाओं का उपयोग करते हुए, घर और स्कूल दोनों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्र नए शैक्षणिक वर्ष में आत्मविश्वास के साथ कक्षा में जाएं, लीड स्कूल ने कक्षा 2 से 10 के लिए ब्रिज कोर्स प्रदान किया है। यह आगामी वर्ष में सीखने के परिणामों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल और बुनियादी बातों से छात्रों को लैस करने के लिए है।

लीड स्कूल शिक्षकों को एक टीचर टैबलेट से भी लैस करेगा जो पाठ योजनाओं, ऑडियो-विजुअल संसाधनों और प्रशिक्षण संसाधनों के लिए वन-स्टॉप समाधान है। अब तक, लीड स्कूल ने अपने शिक्षक विकास कार्यशाला के तहत सैकड़ों शिक्षकों को सशक्त बनाया है, उन्हें 2021 में सीखने के नए तरीके के लिए तैयार किया है।

भारत में हर बच्चे के लिए उत्कृष्ट शिक्षण सुलभ और किफायती बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ, इसने कक्षा 1-8 के लिए एक शीर्ष कोडिंग और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग स्किल्स (सीसीएस) कार्यक्रम भी पेश किया है। यह स्कूली बच्चों को आज की डिजिटल दुनिया में तकनीकी तौर से आगे रहने के लिए सक्षम बनाता है। कार्यक्रम के दौरान, छात्र उन परियोजनाओं पर काम करते हैं जो उन्हें वेबसाइटों का निर्माण करने और विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों को पब्लिश करने में मदद करते हैं। वे सॉफ्टवेयर जैसे कि ऐप, गेम और अन्य मल्टीमीडिया सामग्री में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं जो उन्हें कल के तकनीकी विकास के लिए तैयार करेंगे।

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