कोलकाता में टेस्टिंग कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव  

testing people for symptoms of corona

 कोलकाता (लाइवभारत24)। चुनावी राज्य बंगाल में कोरोना कहर ढा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में RT-PCR टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है। वहीं, राज्य की बात करें, तो सैंपल देने वाले हर 4 में से एक व्यक्ति जांच के दौरान संक्रमित मिल रहा है।

पश्चिम बंगाल में RT-PCR टेस्ट करने वाली एक बड़ी लैब के डॉक्टर के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कोलकाता और इसके आसपास के इलाकों में पॉजिटिविटी रेट 45 से 55% तक पहुंच गया है। जबकि राज्य के दूसरे हिस्सों में यह 24% के करीब है।

राज्य में 1 अप्रैल को 25,766 सैंपल की जांच के दौरान केवल 1274 सैंपल पॉजिटिव मिले थे तब पॉजिटिविटी रेट 4.9% था। शनिवार को 55,060 सैंपल जांचे गए जिनमें 14,281 पॉजिटिव मिले, संक्रमण की यह दर 25.9% है। सीधे शब्दों में कहें तो अप्रैल की शुरुआत में जांच कराने पहुंचने वाले 20 में से केवल एक व्यक्ति पॉजिटिव मिल रहा था। यानी तब प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट 5% के करीब था। इस तरह, एक महीने से भी कम समय में संक्रमण की रफ्तार में 5 गुना बढ़ोतरी हो चुकी है।

रिपोर्ट में डॉक्टरों के हवाले से यह भी कहा गया कि कोरोना संक्रमण के वास्तविक आंकड़े कहीं ज्यादा हो सकते हैं। कई मरीज बिना लक्षणों या कम लक्षणों वाले होते हैं। ये लोग कोरोना टेस्ट कराने नहीं पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि राज्य में टेस्टिंग भी पर्याप्त नहीं हो रही है, जबकि टेस्टिंग ही कोरोना को रोकने का सबसे कारगर उपाय माना जाता है।

डॉक्टर कहते हैं कि वायरस के नए म्यूटेंट तेजी से फैलते हैं और यही वजह है कि कम समय में अब ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे हैं। ज्यादातर मामलों में पूरा परिवार ही संक्रमित हो रहा है। इधर, जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, केवल वही टेस्ट कराने पहुंच रहे हैं । संक्रमण ज्यादा तेजी से फैलने के लिए यह वजह भी जिम्मेदार है।

मेडिका ग्रुप के चेयरमैन और न्यूक्लीयर कार्डियोलॉजिस्ट अलोक रॉय के हवाले से जानकारी दी गई किटेस्टिंग लैब में अचानक पॉजिटिविटी रेट 50% तक बढ़ गया है। ऐसे में सैंपल टेस्टिंग का दवाब ज्यादा है। लेकिन यह अच्छा है कि लोग जांच करा रहे हैं। हम कितनी तेजी से वायरस को डिटेक्ट कर पाते हैं, उसका असर मरीज के इलाज पर पड़ता है।

कोलकाता स्थित NICED ने कहा है कि उनकी लैब में पॉजिटिव रेट 55% है। इधर, शहर के सभी प्रमुख लैब्स में यह देखने में आया है कि दुर्गा पूजा के बाद अप्रैल के पहले हफ्ते के मुकाबले दूसरे हफ्ते में पॉजिटिव सैंपल 20% बढ़े हैं।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, नॉर्थ और साउथ 24 परगना और हावड़ा में पॉजिटिव केस ज्यादा हैं। इसमें हावड़ा में सबसे ज्यादा चपेट में है। इसके अलावा बर्दवान, मालदा, और मुर्शिदाबाद में भी संक्रमण का स्तर तेजी से बढ़ा है। राज्य के अलग-अलग जिलों में कोरोना संक्रमण का रेट ज्यादा भी हो सकता है। लेकिन इसे समझने के लिए टेस्टिंग बढ़ानी जरूरी है।

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