देश को कोविड-19 से उबरने में आयुर्वेद ही लोगों का सहारा बना: डा. अनीता भटनागर जैन

  • आयुर्वेद पर पूरे विश्व के लोगों का भरोसा बढ़ा है: डा0 अनीता भटनागर जैन
  • एसजीपीजीआई के निकट ‘डा0 त्रिपाठी आयुष निदानशाला’ का हुआ उद्घाटन

लाइवभारत24)। एसजीपीजीआई के निकट सरस्वतीपुरम के ‘तुलसी पार्क’ में स्थित ‘डा0 त्रिपाठी आयुष निदानशाला’ का उद्घाटन डा0 अनीता भटनागर जैन, मा0 सदस्य (प्रशासनिक), उ0प्र0 राज्य लोक सेवा अधिकरण द्वारा भगवान धन्वन्तरि का पूजन कर किया गया। इस अवसर पर डा0 अनीता भटनागर जैन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति का पूरे विश्व में डंका बज रहा है। देश को कोविड से उबरने में आयुर्वेद ही लोगों का सहारा बना। इसलिए लोगों का पुनः आयुर्वेद की जड़ी-बूटियों पर भरोसा बढ़ा है। रोगों को समूल नष्ट करने में आयुर्वेद की दवाइयां ही बिना किसी दुष्प्रभाव के कारगर हैं। मैं आयुष विभाग में तैनात रही हूँ, मैंने पाया कि आयुर्वेद से अनेक असाध्य संक्रामक रोग (आटो इम्यून डिस आर्डस) का इलाज भी आयुर्वेद में सम्भव है। उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद विशेषज्ञों को अधिक से अधिक अनुसंधान पर बल देना होगा तथा डाटा बेस प्रबन्धन कर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। आयुष निदानशाला के मुख्य चिकित्सक डा0 शिव शंकर त्रिपाठी आयुर्वेद विभाग के एक अच्छे एवं कर्मठ अधिकारी रहे हैं, इनके व्यापक अनुभव का लाभ अब आमजन को सुगमता से प्राप्त होगा।
आयुष निदानशाला के मुख्य चिकित्सक डा0 शिव शंकर त्रिपाठी ने बताया कि इस सेन्टर में जोड़ो के दर्द (अर्थराइटिस), कठिन चर्म रोग-सोरायसिस, हेपेटाइटिस, वृक्कपात (रीनल फेल्योर), खान-पान की गड़बड़ी से युवतियों में बढ़ रहे रोग पी0सी0ओ0डी0 एवं गर्भाशय रसौली आदि कर्कटार्वुद (कैंसर) तथा जीर्ण अवरोधी फुफ्फुस रोग (ब्व्च्क्) आदि अनेक जटिल रोगों का उपचार आयुर्वेद की जड़ी-बूटियों से किया जायेगा। जल्द ही इस सेन्टर में रिसर्च यूनिट बनाई जाएगी, जिसमें चिकित्सा जगत में चुनौतियों के रूप में नित नए रूप में उत्पन्न होने वाले रोगों के स्थाई समाधान हेतु शोध किया जायेगा और इस सेन्टर को आयुर्वेदीय शल्य चिकित्सा केन्द्र के रूप में भी विकसित किया जायेगा, जिसमें क्षार सूत्र द्वारा पाइल्स एवं भगन्दर (फिस्चिुला इन एनो) आदि अनेक रोगों का इलाज सफलता से सम्पन्न हो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि डा0 त्रिपाठी 25 वर्षों से अधिक उनकी शासकीय सेवा उ0प्र0 राजभवन में 8 राज्यपालों के साथ समर्पित रही है तथा वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्वेद विशेषज्ञ सम्मेलन, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हैं।
इस कार्यक्रम में के0जी0एम0यू0 की पूर्व चिकित्सक डा0 हृदया मिश्रा, सरदार पटेल आयुर्वेद मेडिकल कालेज के प्रो0 अमित शुक्ला, महिला चिकित्सक डा0 दीपांजलि त्रिपाठी, श्री पी0सी0 मिश्रा, श्री ओ0पी0 दुबे, एडवोकेट श्री मनोज द्विवेदी, श्री अभिनील शंकर सहित अनेक संभ्रान्त लोग उपस्थित थे।

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