* चुनौतियों को समाधान में बदलें, वही जीवन को देगी प्रगति: देवप्रयाग के बच्चों से बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
* ‘तकनीक हमसे संचालित हो, हम तकनीक से नहीं’: सीएम योगी ने बच्चों को दिया समय प्रबंधन और तकनीक के सही उपयोग का मंत्र
लखनऊ (लाइव भारत 24): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ‘भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम’ के तहत उत्तराखंड के देवप्रयाग से आए मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त कर उनका लखनऊ में स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस दौरान सीएम योगी ने बच्चों के आत्मविश्वास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि आत्मविश्वास ही कठिन से कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों से जूझने का आत्मबल प्रदान करता है।
चुनौती को समाधान मानें, प्रगति अपने आप मिलेगी
विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में जब भी कोई चुनौती आए, उसे समस्या मानकर टालने के बजाय समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। युवाओं के जीवन में चुनौतियां स्वाभाविक हैं, लेकिन सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने पर कोई भी कठिनाई रुकावट नहीं बन सकती। चुनौती ही जीवन की गति को प्रगति में बदलने का माध्यम बनती है।
हर व्यक्ति पढ़े ‘एग्जाम वॉरियर्स’, गोमती बुक फेस्टिवल ले जाएं अधिकारी
मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्तराखंड से आए इन बच्चों को लखनऊ में आयोजित ‘गोमती बुक फेस्टिवल’ का भ्रमण कराया जाए। साथ ही, बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित प्रेरणादायी पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उपलब्ध कराई जाए। सीएम योगी ने कहा कि जीवन में तनावमुक्त परीक्षा और मार्गदर्शन के लिए हर व्यक्ति को यह पुस्तक अनिवार्य रूप से पढ़नी चाहिए।
व्यावहारिक ज्ञान ही सच्चा ज्ञान, समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक
सीएम ने थ्योरी और प्रैक्टिकल का उदाहरण देते हुए कहा कि लैब में प्रैक्टिकल और गणित के फॉर्मूलों की विवेचना से चीजें अधिक स्पष्ट होती हैं। व्यावहारिक ज्ञान ही असली ज्ञान है। शैक्षणिक टूर की महत्ता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमण देश, विरासत, समाज और दुनिया को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
समय की कीमत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “एक-एक मिनट बेहद कीमती है। बच्चों को पाठ्यक्रम, परिवार और स्वयं के लिए समय का बेहतर प्रबंधन करना चाहिए। अच्छी पुस्तकें संबल प्रदान करती हैं, इसलिए हर बच्चे को अपनी पसंद के अनुरूप पुस्तकें पढ़कर एक ‘बुक बैंक’ भी बनाना चाहिए।”
‘तकनीक हमसे संचालित हो, हम तकनीक से नहीं’
आज के डिजिटल युग पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आवश्यकता है, लेकिन इस पर अत्यधिक निर्भरता घातक है। स्मार्टफोन पर अत्यधिक समय बिताने को समय की बर्बादी बताते हुए उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन का उपयोग ज्ञानवर्धक संदेशों, डिजिटल लाइब्रेरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), चैटजीपीटी (ChatGPT), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स और ड्रोन-स्पेस टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों को सीखने और करियर निर्माण के लिए किया जाना चाहिए।
अयोध्या, काशी और लखनऊ के बदलावों से हों परिचित
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को लखनऊ के साथ-साथ अयोध्या और काशी का भी भ्रमण कराया जाए। उन्होंने बीते 10 वर्षों में हुए अभूतपूर्व बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया कि अयोध्या में अब भव्य राम मंदिर, एयरपोर्ट, फोरलेन सड़कें और राम की पैड़ी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने से अब एक साथ 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सीख दी।
कक्षा-5 की छात्रा ने किया संचालन
इस विशेष संवाद कार्यक्रम का कुशल संचालन कक्षा-5 की छात्रा मिष्टी रावत ने किया। देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी ने इस टूर के सफल आयोजन का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से ही वे तीसरी बार उत्तराखंड के बच्चों को उत्तर प्रदेश भ्रमण पर ला सके हैं। कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री जोत सिंह बिष्ट, शिक्षकों और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे
