UP-TET पेपर लीक मामले में CM योगी ने कहा, आरोपियों के घरों में चलेगा बुलडोजर

लखनऊ (लाइवभारत24)। CM योगी ने UP-TET पेपर लीक मामले में आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की बात कही है। अब सॉल्वर गैंग के सदस्यों पर गैंगस्टर के साथ ही NSA यानी नेशनल सिक्यूरिटी एक्ट भी लगेगा। उनकी प्रापर्टी भी जब्त होगी। STF अभी तक सॉल्वर गैंग के 29 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि टीईटी का पर्चा लीक कराने वालों के घर पर बुलडोजर चलेगा।

दरअसल, यूपी में सॉल्वर गैंग और नकल माफिया के लिए कोई अलग से कानून नहीं होने से वे आराम से बच जाते थे। लेकिन इस बार यूपी सरकार पहली बार सॉल्वर गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है। सिर्फ इतना ही नहीं, सूत्रों ने बताया कि जल्द ही इसको लेकर कोई नया कानून आ सकता है। ताकि कोई बेरोजगारों व परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करके आसानी से बच न सके। देश के 2 से 3 राज्यों ने इस पर सख्त कार्रवाई के लिए अलग से कानून बनाया है। इनमें हरियाणा भी शामिल है।
एसीएस बेसिक शिक्षा दीपक कुमार ने बताया कि TET परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद शासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। मामले में विभागीय लोगों से लेकर परीक्षा ले जुड़े तमाम वे लोग शामिल हो सकते हैं जो पूरी प्रक्रिया में जुड़े थे। पर कहां से और कैसे लीक हुआ इसकी शासन स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है।
यूपी में आपराधिक गतिविधियों के साथ ही भू माफिया, खनन माफिया, शिक्षा माफिया समेत 371 माफिया के खिलाफ अभी तक कार्रवाई हुई है। इसमें 42 के खिलाफ NSA और 1530 पर गैंगेस्टर की कार्रवाई हुई। जिसमें अपराधियों की अवैध तरीके से कमाई गई करीब 1900 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त या ध्वस्त की गई है।

इन धाराओं में होगी कार्रवाई

धारा 468 – कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी करना। इसमें सात साल तक की सजा और आर्थिक दंड की सजा हो सकती है।
धारा 467 – मूल्यवान प्रतिभूति वसीयत बनाना या आदान-प्रदान कराना या कोई धन प्राप्त करने के इरादे से कूटरचना करना। इसमें आजीवन कारावास या 10 वर्ष कारावास और आर्थिक दंड।
धारा 419 – प्रतिरूपण द्वारा छल करेगा। तीन साल तक की सजा या आर्थिक दंड या दोनों।
धारा 465 – जो कोई कूटरचना करेगा, दो साल तक की सजा बढ़ना या आर्थिक दण्ड या दोनों।
गैंगेस्टर एक्ट – यह अपराध यूपी गिरोहबंद क्रिया कलाप निवारण अधिनयम-1986 की परिधि में आता है।
एनएसए – राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वालों पर लगाया जाता है। जिससे आम जनमानस में असुरक्षा की भावना पैदा हो या माहौल बिगड़ने की स्थित बने। इसमें आरोपी को 12 माह तक जेल में रखा जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!