मुझे कन्नौज जाने से रोका गया, किसानों की आवाज नहीं दबेगी:अखिलेश

लखनऊ (लाइवभारत24)। किसान कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को कन्नौज से प्रदेश में किसान पदयात्रा का ऐलान किया था। लेकिन कन्नौज जाने से पहले उन्हें घर में एक तरह से नजरबंद कर दिया गया। लेकिन दोपहर बाद अखिलेश अपने आवास से बाहर निकले तो पुलिस ने घेरा बनाकर उनका रास्ता रोक लिया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई तो अखिलेश धरने पर बैठ गए। पुलिस ने अखिलेश यादव व तमाम कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बल भी प्रयोग किया। अखिलेश ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज नहीं दबा सकती है। आज मुझे कन्नौज जाने से रोका गया है। कार्यक्रम की अनुमति कोरोना संकट काल का हवाला देकर नहीं दी गई। जब भाजपा या सरकार कोई कार्यक्रम करती है तो कोरोना नहीं होता है, लेकिन हम किसानों की आवाज उठाना चाहते हैं तो हमें कोरोना हो जाएगा। सपा किसानों को जागरुक करेगी। बता दें कि रविवार रात से ही पुलिस ने लखनऊ में अखिलेश के घर और सपा के कार्यालय को बैरिकेडिंग कर घेर लिया। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। एक तरह से सपा अध्यक्ष को नजरबंद कर दिया गया था।
सुबह MLC राजपाल कश्यप और आशु मलिक कुछ कार्यकर्ताओं के साथ अखिलेश यादव से मुलाकात करने के लिए उनके घर के पास पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने रोक लिया। इस पर झड़प भी हुई। जिस पर पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया है। राजपाल कश्यप ने कहा कि, यह अघोषित कर्फ्यू लगाया गया है। वहीं, वकीलों एक समूह ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात करने की कोशिश की। इस दौरान बेरिकेडिंग तोड़कर वकीलों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोक लिया तो तीखी नोकझोंक हुई है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अनुसार सोमवार से उनकी पार्टी यूपी के हर जिले में ‘किसानों की आय बढ़ाओ’ और ‘खेती-किसानी बचाओ’ के नारों के साथ किसान यात्रा निकालेगी। उन्होंने कहा कि इस किसान यात्रा में हमारी पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी पैदल यात्रा करने के साथ साइकल, मोटरसाइकल और अन्य साधनों से रैली निकालते नजर आएंगे। सपा मुखिया अखिलेश यादव के ठठिया क्षेत्र में किसान आंदोलन को DM राकेश कुमार मिश्र ने अनुमति नहीं दी है। उनका कहना है कि अभी कोरोना वायरस खत्म नहीं हुआ है, लिहाजा भीड़ को जुटाने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जा सकती। सपा मुखिया को पत्र भेजकर इसके लिए अवगत भी करा दिया गया है। यदि फिर भी भीड़ जुटती है तो प्रशासन अपने स्तर से कार्रवाई करेगा।

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