जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं टैगोर की कविताएं

 नवयुग कॉलेज में  अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर पर चर्चा

लखनऊ (लाइवभारत24) : ‘आओ नव-नवरूपों में, तुम प्राणों में आओ गंधों में, वर्णों में तुम गानो में आओ सुख-दुःख में तुम मर्मों में आओ नित्य नित्य सारे कर्मों में’ गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर रचित गीतांजलि की ये पक्तियां मनुष्य को जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। नवयुग कन्या महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन व्याख्यान गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की कविताओं पर चर्चा करते हुए प्रोफेसर नाहिद केसर ने कहा कि गीतांजलि शब्द गीत और अंजलि से मिलकर बना है जिसका अर्थ है गीतों का उपहार। इसमें 103 कविताएं अंग्रेजी में लिखी गईं हैं, जिनका अनुवाद भी हुआ है। नाहिद केसर  ने पीपीटी प्रेजेंटेशन द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर विभाग की अध्यक्ष डॉ. संगीता कोतवाल ने मुख्य वक्ता नाहिद केसर जोकि  बांग्लादेश की ओर से प्रतिनिधित्व कर रही थीं उनका स्वागत किया।
डॉ. सीमा सरकार ने  नाहिद केसर का विशिष्ट परिचय दिया। वहीं, प्राचार्य सृष्टि श्रीवास्तव ने आयोजन की सराहना करते हुए अपने विचार रखे। डॉ. अंदलीब जेहरा ने धन्यवाद  दिया। विभाग की राशि श्रीवास्तव और संकल्प गोस्वामी ने तकनीकी सहयोग दिया।इस अवसर पर डॉ. वंदना श्रीवास्तव, डॉ. अपूर्वा अवस्थी सहित अन्य प्राध्यापिकाएं सहित कॉलेज की बीए तृतीय वर्ष, एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्राएं और ढाका विश्वविद्यालय के छात्राएं
भी मौजूद रहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!