प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 69.36 प्रतिशत जो राष्ट्रीय औसत से अधिक

लखनऊ(लाइवभारत24)। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एन0सी0आर0 के जनपदों में आवागमन पर पूरी सतर्कता रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि एन0सी0आर0 के जनपदों में सावधानी बरतकर कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सकता है। उन्होंने मेरठ मण्डल के समस्त जनपदों में 10 दिवसीय सघन सर्विलांस अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर संचालित किया जाए। अभियान की सफलता के लिए ग्राम पंचायत तथा वॉर्ड वार मेडिकल स्क्रीनिंग टीम का गठन करते हुए घर-घर जाकर मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। इस कार्य के लिए मेरठ मण्डल में 15 हजार टीम गठित की जाएं। उन्होंने मेरठ मण्डल में आवश्यकतानुसार चिकित्सा कर्मियों की संख्या में वृद्धि किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है कि मेरठ मण्डल में 2,375 ग्रामीण एवं 1,516 शहरी निगरानी समितियां गठित की गयी है। इसके अतिरिक्त 7,585 सर्विलांस टीम लगाई गयी है। जिन्हें बढ़ाकर शीघ्र 15,000 किये जाने का प्रयास है। मेरठ मण्डल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 50,000 अतिरिक्त किट एन्टीजन टेस्ट हेतु भेजी गयी है। उन्होंने बताया कि मेरठ मण्डल मे कुल 804 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की गयी है। गौतमबुद्धनगर में 121, गाजियाबाद 135, मेरठ 233, बागपत 80, बुलन्दशहर 138 तथा हापुड़ में 97 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की गयी है। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोडऩे में कोविड हेल्प डेस्क एक मजबूत कड़ी सिद्ध होगी। इसके दृष्टिगत सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इनका सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोविड हेल्प डेस्क में इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर अवश्य उपलब्ध रहे तथा हेल्प डेस्क पर कार्यरत कर्मियों के लिए मास्क, ग्लव्स तथा सेनिटाइजर की व्यवस्था हो। उन्होंने बताया कि कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों की सेवाओं की निरंतर मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकारी तथा निजी अस्पतालों में आवश्यक ऑपरेशन किए जाएं। कोविड-19 का टेस्ट करते हुए आवश्यकतानुसार उपचार करें। उन्होंने यह निर्देश भी दिए है कि एम्बुलेंस सेवाओं का लाभ सभी जरूरतमंदों को प्राप्त हो। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि बिना लक्षण वाले कोविड संक्रमित को भी कोविड चिकित्सालय में भर्ती कराया जाए। इस बात का ध्यान रखे कि वह किसी अन्य बीमारी से ग्रसित न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में एक-एक क्वारंटीन सेन्टर को निरंतर सक्रिय रखते हुए उसके साथ कम्युनिटी किचन की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने पुलिस बल को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सभी उपाय किए जाने के निर्देश भी दिए है। उन्होंन बताया कि मुख्यमंत्री जी ने खाद्यान्न वितरण अभियान के आगामी चरण के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि खाद्यान्न वितरण अभियान को सुचारु ढंग से संचालित करते हुए सभी जरूरतमंदों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए है। श्री अवस्थी ने बताया कि गृह विभाग की धारा 188 के तहत 82,454 एफआईआर दर्ज करते हुये 2,12,801 लोगों को नामजद किया गया है। प्रदेश में अब तक 81,87,485 वाहनों की सघन चेकिंग में 60,359 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 38,21,18,467 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 3,17,125 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 966 लोगों के खिलाफ 729 एफआईआर दर्ज करते हुए 349 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि फेक न्यूज के तहत अब तक 1645 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गई है। 02 जुलाई को कुल 13 मामले, जिनमें ट्विटर के 11, फेसबुक के 02 मामले को संज्ञान में लिया गया हैं तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 2671 हॉट स्पॉट के 797 थानान्तर्गत 8,71,059 मकानों के 53,33,121 लोगों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने  बताया कि प्रदेश में हॉटस्पॉट वाले बस्तियों में 4542 डोर स्टेप डिलिवरी मिल्क बूथ,मैन के द्वारा दूध वितरित किया गया है। डोर स्टेप डिलिवरी ‘फल, सब्जी आदिÓ कुल 7474 वाहन लगाये गये हैं। डोर स्टेप डिलिवरी वाले प्रोविजन स्टोर की संख्या 5502 है। श्री अवस्थी ने बताया कि अब तक 18,017 कैदियों को जमानत तथा पैरोल पर छोड़े गये है। इसके अतिरिक्त जूवेनाइल बोर्ड द्वारा 759 बाल कैदियों को छोड़ा गया है। प्रदेश में अब तक 53 अस्थायी कारागार बनाये गये है जिसमें 3,390 भारतीय तथा 63 विदेशी कैदियों को रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में 1660 श्रमिक स्पेशल टेऊन के माध्यम से कामगारोंध्श्रमिकों को प्रदेश में लाया जा चुका है। 82 ट्रेनों के माध्यम से अन्य राज्यों के प्रदेश में कार्यरत ईट भट्टा श्रमिकों को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कल उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की लगभग 5856 बसों के माध्यम से लगभग 8,78,607 लोगों ने यात्रा की। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6500 से ज्यादा हेल्प डेस्क स्थापित किये जा चुके है जिनके अब सकारात्मक परिणाम भी आने लगे है। अब तक हेल्प डेस्क के माध्यम से 2,553 लक्षणात्मक लोगों की पहचान की गयी है, जिनकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन्हें किसी भी प्रकार की लक्षणात्मक समस्या आ रही हैं। वे लोग अपने नजदीकी हेल्प डेस्क पर जाएं, जहां पर थर्मल स्क्रैनर एवं पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध है। वहां परीक्षण उपरांत उचित सलाह दी जायेगी तथा आवश्यकता होने पर कोविड की जांच कर प्रदेश सरकार द्वारा नि:शुल्क उपचार किया जायेगा। श्री प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कल एक दिन में 24,890 सैम्पल की जांच की गयी। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 7,81,584 सैम्पल की जांच की गयी है। प्रदेश में आई0टी0पी0सी0आर0, ट्रूनेट मशीन एवं  11 जनपदों में रेपिड एण्टीजेंट टेस्ट से जांच की जा रही हैं। इस प्रकार प्रदेश में कोरोना टेस्ट की तीनों विधियों का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6,869 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 17,221 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 69.36 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 59.43 से अधिक है। उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 1974 पूल की जांच की गयी, जिसमें 1779 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 195 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 1,55,882 लाख सर्विलांस टीम द्वारा 1,14,25,295 घरों के 5,82,10,332 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है।

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