आईपीएल की मेजबानी की रेस में यूएई सबसे आगे

मुंबई(लाइवभारत24)। बीसीसीआई ने इस साल इंडियन प्रीमियर लीग की मेजबानी के लिए यूएई को लगभग फाइनल कर लिया है। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपेक्स काउंसिल की मीटिंग हुई। 4 घंटे लंबे चली बैठक में 11 अहम एजेंडे पर बात हुई। इसमें आईपीएल की मेजबानी के अलावा टीम इंडिया का फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) और घरेलू क्रिकेट भी शामिल है। यूएई में लीग कराने का फैसला आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में होगा। बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, अपेक्स काउंसिल की बैठक में सदस्यों के बीच आईपीएल के शेड्यूल को छोटा करने पर सहमति बनी है। टूर्नामेंट 5 से 6 हफ्ते में खत्म हो जाएगा। साथ ही, सितंबर से नवंबर के बीच में यूएई में टूर्नामेंट कराया जाएगा, हालांकि यह तभी मुमकिन होगा जब इस साल अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी-20 वर्ल्ड कप रद्द होगा। य़ूएई आईपीएल की मेजबानी की रेस में सबसे आगे है। यहां 2014 में भी आईपीएल के मुकाबले खेले जा चुके हैं। यहां सितंबर-नवंबर के विंडो में अगर लीग होती है तो क्वारैंटाइन पीरियड भी कम दिन का होगा। इसके अलावा यूएई ट्रैवल हब माना जाता है। यह पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। मेडिकल फैसिलिटी के अलावा पहले 6 साल पहले आईपीएल की मेजबानी का अनुभव भी यूएई के पक्ष में नजर आ रहा है। दुबई सिटी के क्रिकेट एंड टूर्नामेंट्स प्रमुख सलमान हनीफ ने हाल ही में गल्फ न्यूज से कहा था कि आईपीएल के लिए दुबई स्पोर्ट्स सिटी पूरी तरह तैयार है। इस सिटी में दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम और आईसीसी एकेडमी है। अगर कम समय में भी ज्यादा मैचों को कराया जाता है, तो स्टेडियम में 9 विकेट बहुत अच्छी स्थिति में हैं। हम विकेटों को तरोताजा रखने के लिए दूसरे मैचों को यहां नहीं होने देंगे। आईपीएल को अब तक दो बार लोकसभा चुनाव के कारण भारत से बाहर कराया जा चुका है। 2009 में टूर्नामेंट की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका ने की थी। तब आईपीएल 5 हफ्ते और 2 दिन तक चला था। इसके बाद 2014 में टूर्नामेंट के मैच भारत के अलावा यूएई में खेले गए थे।

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पहले कह चुके हैं कि यह साल बगैर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नहीं जाएगा। हमें जब भी 35 से 40 दिन का समय मिलेगा, तो टूर्नामेंट को देश में कराएंगे। यही हमारी प्राथमिकता है। कोई विकल्प नहीं होने पर इसे विदेश में कराया जाएगा। आईसीसी ने अभी तक अक्टूबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है। लेकिन मौजूदा हालात में ऑस्ट्रेलिया में इस टूर्नामेंट के होने की संभावना बहुत कम है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया सरकार ने कोरोना फैलने की आशंका के चलते मेलबर्न में फिर से 6 हफ्ते का लॉकडाउन लगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे बड़े शहर में लॉकडाउन लगाने के बाद तय शेड्यूल के मुताबिक टी-20 वर्ल्ड कप कराने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया में 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होना है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन अर्ल एडिंग्स ने भी जून में कहा था कि इस साल टी-20 वर्ल्ड का आयोजन किसी भी सूरत में मुमकिन नहीं दिख रहा है। इसके अलावा, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी के चीफ अहसान मनी भी कह चुके हैं कि इस साल टी-20 वर्ल्ड कप होना बहुत मुश्किल है। कोरोना के बीच इंग्लैंड-वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज से इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हो चुकी है। पाकिस्तान टीम भी अगस्त-सितंबर में होने वाली टेस्ट औऱ टी-20 सीरीज के लिए इंग्लैंड पहुंच चुकी है। हालांकि, बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि वह तक टीम इंडिया का कैम्प नहीं लगाएगी, जब तक खिलाड़ियों की हेल्थ और सेफ्टी की गारंटी नहीं होती। अपेक्स काउंसिल की मीटिंग में टीम इंडिया के ट्रेनिंग कैम्प पर भी बात हुई। ट्रेनिंग कैम्प के लिए धर्मशाला और अहमदाबाद के नाम पर चर्चा हुई। लेकिन धर्मशाला में ज्यादा होटल न होने की वजह से अहमदाबाद में कैम्प लगाने पर विचार हो रहा है।

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