यूपी में साढ़े चार साल में 14 माफिया की 52 करोड़ की संपत्ति जब्त

843 मुकदमे दर्ज कर 80 को किया गया गिरफ्तार

लखनऊ (लाइवभारत24)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में 124 खनन माफिया चिन्हित कर 843 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें से 80 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जबकि 14 खनन माफिया की 52 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। माफिया राज पर लगाम लगने से खनन से इन चार साल में 12 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व मिला है। वहीं सरकार ने खनन में माफिया राज खत्म करने के लिए उपभोक्ता खुद खनन सामग्री को यूपी मिनरल मार्ट पोर्टल से सीधे खरीदने की सुविधा दे दी है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव रोशन जैकब ने बताया कि विभाग अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्यवाही लगातार कर रहा है। विभाग ने 2020-21 में 21,641 जगह छापेमारी कर 77.55 करोड़ राजस्व क्षतिपूर्ति के रूप में जमा कराया। साथ ही अवैध खनन को लेकर 536 मुकदमे और 3874 मामलों में कोर्ट में परिवाद दायर किया।

वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में जुलाई तक 7349 छापे मार 30.19 करोड़ राजस्व क्षतिपूर्ति के रूप में जमा कराया। वहीं 160 मुकदमा और 716 मामलों में कोर्ट में परिवाद दायर किए।
सीएम योगी ने प्रदेश में 2017 में खनन में भ्रष्टाचार रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की ओर से अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए इंटीग्रेटेड माइनिंग सर्विलांस सिस्टम (आईएमएसएस) विकसित किया गया। साथ ही खनन की अनुमति के लिए सिस्टम को आनलाइन किया गया। जिसके माध्यम से 1,80,92,026 से अधिक परिवहन प्रपत्रों का जेनरेशन किया गया। वहीं कोरोना की विषम परिस्थितियों को देखते हुए खनिज सेवाओं के आनलाइन निस्तारण के लिए इंटीग्रेटेड यूनीफाइड सिंगल इंटर फेस ‘यूपी माइन मित्र’ पोर्टल भी विकसित किया गया है।
यूपी पुलिस ने पिछले चार साल (जुलाई 2021) तक 38 खनन माफिया पर गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई की। साथ ही 14 खनन माफिया की 52 करोड़ की संपत्ति जब्त की। 74 आरोपियों पर गुंडा एक्ट और 22 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। वहीं एक का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!