रवीना ने बताया बॉलीवुड का कड़वा सच

यहां कुछ ऐसे लोग भी है जो गंदी पॉलिटिक्स करते है:रवीना

मुंबई (लाइवभारत24)। सुशांत सिंह के निधन के बाद आज फिल्म इंडस्ट्री दो गुटों में बंटती नजर आ रही है। कंगना रनौत समेत कई बॉलीवुड सेलेब्स सुशांत की मौत को सुसाइड नहीं बता रहे। कई सेलेब्स का कहना है कि वह नेपोटिज्म का शिकार हुए हैं। कंगना के बाद अब बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन ने बॉलीवुड की सच्चाई को उजागर किया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन ने ट्विटर पर बॉलीवुड की हकीकत को बयां करते हुए सच्चाई बतायी। उन्होंने एक के बाद कई ट्वीट्स किए और कहा-‘इंडस्ट्री का मीन गर्ल गैंग, कैम्प, मजाक उड़ाया गया है  हीरोज उनकी गर्लफ्रेंड्स और उनकी करियर बर्बाद करने वाली फेक मीडिया स्टोरीज ने फिल्मों से निकलवाया है। कभी-कभी करियर बर्बाद हो गए हैं। आपको बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, फाइट बैक करना पड़ता है, कुछ सर्वाइव करते हैं कुछ नहीं। अपने अगले ट्वीट में उन्होंने कहा- ‘जब आप सच बोलते हैं तो आपको झूठा, पागल, सायकॉटिक साबित करने के लिए प्रचारित कर दिया जाता है। चमचे पत्रकार पेज भर-भरकर लिखते हैं और आपकी सारी मेहनत को बर्बाद कर देते है। इस इंडस्ट्री से जुड़कर मैं आभारी हूं, लेकिन यह इंडस्ट्री की सच्चाई है रवीना ने फिर ट्वीट किया और कहा- ‘ऐसा किसी ऐसे के साथ भी हो सकता है जो इंडस्ट्री में पैदा हुआ हो, ‘इनसाइडर’ जैसा कि मैं सुन सकती हूं कुछ एंकर्स इनसाइडर/आउटसाइडर चिल्ला रहे हैं। लेकिन आप लड़ते हैं, जितना उन्होंने मुझे दबाने की कोशिश की, उतनी तेजी से मैंने फाइट बैक किया। गंदी राजनीति हर जगह होती है।’
उन्होंने आगे लिखा- ‘मैं अपनी इंडस्ट्री से प्यार करती हूं, लेकिन यह भी सच है कि यहां बहुत प्रेशर होता है। यहां अच्छे लोग भी हैं, तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो गंदी पॉलिटिक्स करते हैं। दुनिया ऐसी ही है। उठना है और बार-बार चलना है और साथ में सिर भी ऊंचा रखना है।’
आपको बता दें कि एक्ट्रेस कंगना रनौत और फिल्ममेकर शेखर कपूर ने सुशांत के निधन के बाद गहरा दुख जताते हुए इस ओर इशारा किया था कि वो नेपोटिज्म का शिकार हुए हैं। कंगना ने कहा था कि यह सुसाइड नहीं यह प्लान मर्डर था। सुशांत की गलती यही है कि वह उनकी बात मान गया कि तुम वर्थलेस हो, वो मान गया। उसने अपनी मां की नहीं सुनी। हमें यह चुनना है कि इतिहास कौन लिखेगा। वहीं, शेखर कपूर ने लिखा था कि मैं जानता हूं तुम किस दर्द से गुजर रहे थे। मैं उन लोगों की कहानी जानता हूं, जिन्होंने तुम्हें निराश किया। तुमने मेरे कंधों पर आंसू बहाए हैं। काश मैं पिछले छह महीने तुम्हारे आस पास होता। काश तुम मुझसे बात करते, जो तुम्हें हुआ वो उनका कर्मा है, तुम्हारा नहीं।

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