नेपाल के पूर्व मंत्री का बेटा चला रहा था डी-कंपनी की ब्रांच

काठमांडू । नेपाल के पूर्व मंत्री सलीम मियां अंसारी के पुत्र यूनुस अंसारी को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नौ किमी दूर स्थित सबसे सुरक्षित ललितपुर के नख्खु जेल में रखा गया है। अब बंद हो चुके नेशनल टीवी ग्रुप का चेयरमैन यूनुस उच्च गुणवत्ता वाले जाली भारतीय करेंसी नोटों (एफआइसीएन) की तस्करी में शामिल संगठित अपराध सिंडीकेट चलाने के आरोपों का सामना कर रहा है। इस सिंडीकेट में दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी साझीदार है।
यूनुस अंसारी पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ से जुड़े उसके अंडरग्राउंड नेटवर्क के जरिये कश्मीरी आतंकियों के लिए हथियारों की तस्करी करने का भी संदेह जताया गया है। उसकी अंडरव‌र्ल्ड गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ही उसे काठमांडू की सेंट्रल जेल से नख्खु झेल में शिफ्ट किया गया है। नेपाल की सेंट्रल पुलिस के प्रवक्ता डीआइजी नीरज बहादुर शाही ने बताया, ‘हमने यूनुस और तीन अन्य (पाकिस्तानी नागरिकों) को इस मामले (एफआइसीएन केस) में गिरफ्तार किया है।’
यूनुस ने जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के लिए पोरस नेपाल-बिहार सीमा के जरिये हथियारों की खेप रवाना की थी। इसे उस ट्रक के जरिये भेजा गया था जो नेपाल में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करके लौट रहा था। खतरनाक विचाराधीन कैदियों से मुलाकातों पर प्रतिबंध के बावजूद यूनुस जेल में अपने करीबी सहयोगियों से मिलता रहता है। आरोप है कि वह वहीं से अपने गैंग की पूरी गतिविधियां संचालित चला रहा है। मालूम हो कि यूनुस अंसारी के पिता सलीम मियां कश्मीरी आतंकी संगठनों के खुले समर्थक थे। 2015 में सलीम मियां की मौत के बाद यूसुफ ने पाकिस्तान की यात्राएं शुरू कीं और वहां वह कश्मीरी अलगाववादी समूहों और डी-कंपनी के सीधे संपर्क में आया था।

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