30 को सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया

नई दिल्ली(लाइवभारत24)। किसानों के आंदोलन का आज 33वां दिन है। इस बीच सरकार ने किसानों को 30 दिसंबर को बातचीत के लिए बुलाया। मीटिंग दोपहर 2 बजे विज्ञान भवन में होगी। किसान संगठनों ने भी केंद्र के प्रपोजल को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र को मीटिंग से पहले बातचीत का एजेंडा स्पष्ट करना चाहिए। इससे पहले किसानों ने शनिवार को सरकार को चिट्ठी लिखकर मंगलवार 11 बजे मीटिंग करने का वक्त दिया था। उन्होंने 4 शर्तें भी रखीं। उधर, पंजाब में कई जगहों पर लोगों ने किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 1500 टेलीकॉम टॉवरों को नुकसान पहुंचाया। इसकी वजह से कई जगहों पर मोबाइल सर्विस पर असर पड़ा है। मोगा में पुलिस ऐसे ही एक मामले की जांच कर रही है। उधर, किसान संगठनों ने इन घटनाओं की निंदा की है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पुलिस को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
केरल सरकार 31 दिसंबर को विधानसभा में नए कृषि कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेगी। गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने एक दिन का विशेष सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है।
25 किसान संगठनों के नेताओं ने कृषि कानूनों का समर्थन किया है। उन्होंने सोमवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर समर्थन की चिट्ठी सौंपी।
चंडीगढ़ में पंजाब प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के सदस्यों ने किसानों के समर्थन में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के घर के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
बुराड़ी में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा है कि उन्होंने निरंकारी समागम ग्राउंड का नाम किसानपुरा रख दिया है। वे 33 दिनों ये यहां प्रदर्शन कर रहे हैं। अब उन्हें ये अपना गांव जैसा लगने लगा है।
सरकार से बातचीत के लिए किसानों की 4 शर्तें रखी है जिसमें तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संभावनाओं पर बातचीत हो। मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) की कानूनी गारंटी बातचीत के एजेंडे में रहे। कमीशन फॉर द एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ऑर्डिनेंस के तहत सजा के प्रोविजन किसानों पर लागू नहीं हों। ऑर्डिनेंस में संशोधन कर नोटिफाई किया जाए। इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल में बदलाव का मुद्दा भी बातचीत के एजेंडे में शामिल होना चाहिए।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार शाम सिंघु बॉर्डर पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। वे एक महीने में दूसरी बार सिंघु बॉर्डर पहुंचे। उनके साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी थे। किसानों से मिलकर केजरीवाल ने कहा, “केंद्र सरकार को किसानों के साथ ओपन डिबेट करने चुनौती देता हूं। इससे साफ हो जाएगा कि ये कानून कैसे नुकसान पहुंचाएंगे।
किसान एक बार फिर से बातचीत करने को भले ही तैयार हो गए, लेकिन सरकार का विरोध भी तेज कर दिया है। उन्होंने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात प्रोग्राम का थाली बजाकर बायकॉट किया। इस दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी जूते से थाली बजाते नजर आए। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति भी जताई। कहा कि जिस थाली में खाते हैं, उसे जूते से पीटना शोभा नहीं देता।
आंदोलन में शामिल सीनियर एडवोकेट अमरजीत सिंह राय ने रविवार को आत्महत्या कर ली। वे पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद के थे। उन्होंने टिकरी बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन से 5 किलोमीटर दूर जाकर जहर खा लिया। उनके पास सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने पीएम मोदी को तानाशाह बताया। वे आंदोलन में सुसाइड करने वाले दूसरे किसान हैं। आंदोलन में अलग-अलग वजहों से अब तक 26 किसानों की जान जा चुकी है जिसको लेकर किसानों में रोष् है।

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