भीमा नदी पुल शुरू होने के बाद कुडगी सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट को ईंधन सप्लाई की लागत में कमी आने की संभावना

लखनऊ(लाइवभारत24)। भीमा नदी पर नए पुल के निर्माण के बाद देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन, कर्नाटक को कोयले की सप्लाई के लिए परिवहन लागत को कम करने में सक्षम हो जाएगी। इस पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद परिवहन लागत में लगभग 200-500 रुपये प्रति मीट्रिक टन (एमटी) की कमी आएगी और इस तरह बिजली की उत्पादन लागत में भी कटौती संभव होगी और आवागमन का समय भी 8-15 घंटे कम हो जाएगा । दक्षिण पश्चिम रेलवे लाइन पर नवनिर्मित 670 मीटर लंबा पुल रेलवे और एनटीपीसी कुडगी दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि एक तरफ यह बिजली उत्पादन की लागत में कमी लाने मंे सहायक होगा और दूसरी तरफ रेलवे के लिए भी अपने उपलब्ध बुनियादी ढांचे के साथ अधिक माल की ढुलाई को संभव बनाएगा। इसके अलावा, दोहरी लाइनों की उपलब्धता के साथ, महाराष्ट्र के शोलापुर से कर्नाटक के गडग तक यात्रा का समय भी कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी। एनटीपीसी ने महाराष्ट्र में होटगी से कुडगी, कर्नाटक तक (134 किलोमीटर) की मौजूदा पटरियों की लाइनों को दोगुना करने के लिए सहायता प्रदान की है और भीमा नदी पर दो पुलों के निर्माण में सहायता प्रदान की है। वर्तमान में इस लाइन पर 50 साल से अधिक पुराना एक पुल है, जिस पर भारी लोड वाले माल की ढुलाई करने में मुश्किल आती है। इस वजह से अधिकांश यातायात को गुंटाकल के माध्यम से बेल्लारी-गडग मार्ग पर मोड़ दिया जाता है। नए पुल के मामले में एनटीपीसी दक्षिण पश्चिम रेलवे से अंतिम अनुमोदन की अधिसूचना का इंतजार कर रहा है और मंजूरी मिलते ही इस पुल पर परिचालन शुरू कर देगा।

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