जनपद लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र के अन्तर्गत धारा-144 दण्ड प्रक्रिया संहिता लागू

लखनऊ(लाइवभारत24)। जिलाधिकारी मैजिस्ट्रेट लखनऊ अभिषेक प्रकाश ने बताया कि द0प्र0सं0 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जन-जीवन एवं निजी सम्पत्ति की हानि, दंगा, बलवा के निवारण के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किये हैं। जिलाधिकारी मैजिस्ट्रेट ने बताया कि आगामी दिनों में प्रस्तावित “कोविड-19 वैश्विक महामारी का प्रभाव जन जीवन को व्यापक रूप से प्रभावित कर रहा है। श्रावण मास में शिव भक्त कांवरियों द्वारा नदियों से जल भरकर विभिन्न शिव मन्दिरों में जलाभिषेकध्पूजा अर्चना करते है। कांवड़ यात्रा ईदुज्जहा (बकरीद) रक्षाबन्धन, जन्माष्टमी एवं स्वतन्त्रता दिवस” आदि पर्वों के अवसर पर भी आसामाजिक तत्वों द्वारा व्यवस्था भंग की जा सकती है, जिससे कटुता बढऩे व लोक प्रशान्ति विक्षुब्ध होने की प्रबल आशंका है। संक्रमण के दृष्टिगत जारी की गई नई गाइड लाइन को ध्यान में रखकर यह आवश्यकता समझता हूं कि धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए कानून व्यवस्था को बनाए रखने शांति व्यवस्था को कायम रखने सार्वजनिक एवं निजी व लोक संपत्ति के सुरक्षार्थ तथा जन सामान्य में कोविड-19 के संक्रमण के प्रसारण को रोकने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किया है। उन्होंने बताया कि कमीशन रेट में ऐसे सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, व्यापारी प्रदर्शनी इत्यादि सशर्त प्रतिबंधित रहेंगे किसी भी ऐसे कार्यक्रम में 05 से अधिक व्यक्तियों का सम्मेलन संभव नहीं होगा। आगामी त्योहारों पर परंपरागत जुलूस या कार्यक्रम बिना पुलिस के अनुमति के आयोजित नहीं किए जाएंगे न ही किसी प्रकार की नई परंपरा स्थापित होगी किसी भी राजनीतिक दल द्वारा सार्वजनिक स्थलों अथवा महत्वपूर्ण स्थानों पर धरना प्रदर्शन सामूहिक प्रदर्शन नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनपद लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र में श्रावण मास में किसी प्रकार के मेले का आयोजन पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा, कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव व रोकथाम हेतु सरकार द्वारा प्रदत्त नियमों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में डी0जे0 बजाने पर प्रतिबन्ध रहेगा। कावंड़ समितियां डी0जे0 से इतर अन्य ध्वनि वर्धक यन्त्रों का प्रयोग बिना अनुमति के नही कर सकेगी। उक्त अनुमति हेतु कांवड़ समितियां द्वारा आवेदन किया जायेगा तथा जिला मैजिस्ट्रेट द्वारा नियमानुसार पुलिस आख्या के उपरान्त शर्तों के पालन की दशा में सम्पूर्ण मार्ग के लिये नियत अवधि हेतु अनुमति प्रदान की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि उक्त आदेश को तत्काल पारित किए जाने की आवश्यकता है तथा समय अभाव के कारण यह देश एक पक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है फिर भी यदि कोई भी व्यक्ति संस्था या पक्ष इस आदेश में कोई छूट या शिथिलता चाहे तो उसे पुलिस आयुक्त, कमीशन रेट लखनऊ या संयुक्त पुलिस आयुक्त पुलिस उपायुक्तों, लखनऊ के सम्मुख विधिवत आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक सुनवाई एवं विचारों प्रांत समुचित आदेश पारित किए जाएंगे, यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि विच में वापस न लिया गया तो दिनांक 26.06.2020 से 23.08.2020 तक लागू रहेगा इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना भारतीय दंड विधान की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

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