लखनऊ (लाइवभारत24)। जिले में पोषण माह के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रम के दौरान शनिवार को गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई । जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेन्द्र दुबे ने बताया कि जिले में गोदभराई के माध्यम से लोगों को परम्परा और संस्कृति से जोड़ा जा रहा है | इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं / परिवार के सदस्यों को पौष्टिक खान-पान और स्वास्थ्य के बारे में सलाह दी जाती है ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहा बच्चा दोनों ही स्वस्थ हों । आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने गृह भ्रमण के दौरान 6 माह तक केवल स्तनपान, 6 माह के बाद स्तनपान के साथ ऊपरी आहार, जन्म के 1000 दिन, ऊपरी आहार, समय से टीके लगवाने आदि के बारे में लोगों को जानकारी दे रही हैं |
सरोजिनी नगर ब्लाक के डिप्टीगंज क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गुड़िया ने बताया- कोरोना के कारण हमें गोदभराई केंद्र पर न करके गर्भवती महिला के घर पर ही कराने के हमें निर्देश मिले थे | हमने गोदभराई के दौरान महिला और उसकी सास व जेठानी को सलाह दी | हमने बताया – गर्भावस्था के दौरान सलाह के अनुसार आयरन और कैल्शियम की गोलियों का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए | हरी सब्जियों, गुड़ , प्रोटीनयुक्त पदार्थ जैसे अंकुरित दालें, चना, मौसमी सब्जियों और फलों , केंद्र से मिलने वाले पोषाहार का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए | दूध या दूध से बने पदर्थों का नियमति रूप से सेवन करना चाहिये | दिन में 2 घंटे का नियमित रूप से आराम करना चाहिए | अगर एक साथ खाना नहीं खा पा रही हैं तो थोड़ा-थोड़ा करके खाना खाएं| स्थानीय खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करें | गर्भवती का नियमित रूप से जांचें करानी चाहिए | चिकित्सक द्वारा दी गयी सलाह को मानना चाहिये |
बाल विकास परियोजना अधिकारी कामिनी श्रीवास्तव ने बताया आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण दिवस का आयोजन किया गया | आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र में कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चो का चिन्हांकन किया तथा लोगों को पोषण वाटिका बनाने के लिए भी प्रेरित किया |

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