अभी तक विकास दुबे पुलिस की शिकंजे से बाहर

विकास के गुर्गों पर  25 हज़ार का इनाम घोषित 

लखनऊ(लाइवभारत24)। कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों को शहादत को 100 घण्टे से ज्यादा का समयबीत चुका है, लेकिन अभी तक विकास दुबे पुलिस की शिकंजे से बाहर है। 3 जुलाई से ही पुलिस और एसटीएफ की 40 टीमें पूरे प्रदेश में खाक छान रही हैं, लेकिन विकास दुबेको नहीं खोज सकी हैं। वहीं इस घटना के बाद हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। सोमवार को शहीद सीओ देवेन्द्र मिश्र की वायरल चिट्ठीऔर तत्कालीन कानपुर एसएसपी के बातचीत की ऑडियो पर मंगलवार को एडीजी लॉ एंड ऑर्डरप्रशांत कुमार ने मीडिया से बात की। शहीद सीओ देवेन्द्र मिश्र की वायरल चिट्ठी को लेकरआईजी लखनऊ रेंज को डीजीपी ने कानपुर भेजकर जांच कराने का फैसला किया है। आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह जांच कर डीजीपी को रिपोर्ट देंगी। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि विकास दूबे की तलाश में मिनट टू मिनटतलाशी करने के लिए सर्विलांस की जा रही है। वहीं अनंत देव तिवारी के मामले पर प्रशांत कुमारने कहा कि ऑडियो की जांच कराई जा रही है। लेकिन प्राथमिक तौर पर कुछ आपत्तिजनक नहींलग रहा है। पुलिसकर्मियों की भूमिका विवेचना का विषय है। जो दोषी पाया जाएगा उनपर कड़ीकार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को यूपी पुलिस ने विकास के साथ उसके फरार साथियों के पोस्टर जारी किए हैं। विकास दुबे के इन गुर्गों पर भी 25-25 हजार रुपए का ईनाम घोषित है। पोस्टर में 16 अपराधियों के नाम और फोटो चस्पा किए गए हैं साथ ही पुलिस अधिकारियोंके तीन मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। इससे पहले उन्नाव में नेशनल हाइवे के टोल प्लाजापर विकास दुबे का फोटो चिपकाया गया था। मंगलवार को ही डीजीपी ने विकास दुबे पर घोषित ईनाम राशि 1 लाख से बढ़ाकर ढाई लाख कर दी है। बता दें कि पूरी ताकत झोंकने के बाद भीअभी तक विकास दुबे का सुराग नहीं लगा है। गुरुवार रात पुलिसकर्मियों की शहादत के बादशुक्रवार तड़के पुलिस ने कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में विकास दुबे के मामा व एक साथी को मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके बाद पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिल पायी। विकास की पत्नी भी बच्चों सहित फरार है।

विकास की पत्नी ऋचा दुबे की भूमिका की भी होगी जांच 

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि विकासकी पत्नी ऋचा दूबे की भूमिका विवेचना का विषय है। राजनीतिक लोगों की तस्वीरों के विषयमें अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। एडीजी ने कहा कि 3 जुलाई को मुख्यमंत्री औरडीजीपी ने खुद घटनास्थल पर गए। शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए एक करोड़ रुपये की सहायताराशि, पेंशन और एक-एक परिजन को नौकरी देने की घोषणा हुई है। उसी दिन घटना के बाद पुलिसने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी थी। शुक्रवार की सुबह 2 बदमाश मारे गए और कुछ हथियारबरामद हुए। यूपी पुलिस की 40 टीमों के अलावा एसटीएफ की टीमें भी जांच में लगी हुई हैं।  विकास दूबे पर ढाई लाख रुपये का इनाम है। गिरफ्तारी के लिए कोशिश जारी है। घटनामें सहायता करने वाले 3 लोग गिरफ्तार किये गये हैं। विकास और उसके साथियों की तलाशकरने के साथ हथियारों की जानकारी ली जा रही है। विकास के घर शस्त्र होने की जानकारीहोने के बाद तलाशी की गई तो 2 किलो विस्फोटक, तमंचे, देशी बम मिले हैं। हमें उम्मीदहै बहुत जल्द सभी अभियुक्तों और उन्हें संरक्षण देने वालों को पकड़कर जेल भेजेंगे।इनके परिवारवालों की अवैध संपत्ति होने की जांच चल रही है।

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