700 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सोलर स्मार्ट शॉप खोलकर बनी आत्मनिर्भर: शैलेन्द्र द्विवेदी

लखनऊ(लाइवभारत24)। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय व आईआईटी बांबे एईईएसएल, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण अंचलों में रहने वाली महिलाओं को आजीविका दिलाने के लिए 70 लाख स्टडी सोलर लैंप योजना का कार्य प्रदेश के 30 जनपदों के 75 ब्लॉको में किया जा रहा है। यह जानकारी प्रदेश के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र द्विवेदी ने सोमवार को देते हुए बताया कि यह योजना भारत के 5 राज्यों यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम में लागू की गयी है। इस योजना के तहत 5 राज्यों में 70 लाख स्टडी सोलर लैंप कक्षा 01 से 12 तक के ग्रामीण बच्चों को दिया जा रहा है। इस लै प की कीमत 700 रुपये है लेकिन सरकार सब्सिडी पर बच्चों को केवल 100 रुपये में दे रही है और इस 100 रुपये से महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। जो महिलाएं लैंप की असेंबलिंग करती है उनको 12 रुपये प्रति लैंप मिलता है जो महिलाएं लैंप को स्कूल में वितरण करती है उनको प्रति लैंप 17 रुपये मिलते हैं तथा जो महिलाएं 01 साल तक वारन्टी के समय रिपेयरिंग करती है उनको 4000 रुपये प्रति माह दिये जा रहे हैं इन सभी कार्यो में समूह की 5000 महिलाएं रोजगार से जुड़ी है जो कि प्रति माह 5000 से 10000 रुपये तक कमा रही हैं। प्रदेश के 30 जिलों के 75 ब्लॉकों में 34 लाख बच्चों को स्टडी सोलर लैंप दिया जाना है। इसके सापेक्ष अभी तक वर्तमान में यूपी में 28 लाख बच्चों को स्टडी सोलर लैंपों का वितरण किया गया है और लैंप की असेंबलिंग डिस्ट्रीब्यूशन रिपेयरिंग समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इस योजना में अब तक 5000 महिलाओं को रोजगार मिला तथा इनमें से 700 महिलाओं ने सोलर स्मार्ट शॉप खोलकर स्वयं आत्म निर्भर बनी हैं। श्री द्विवेदी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 30 जनपदों के 75 ब्लॉको में महिलाओं ने सौर उद्यमी के अंतर्गत 700 सोलर स्मार्ट शॉप खोली हैं। महिलाओं के द्वारा सोलर स्मार्ट शॉप चलाई जा रही है। इन महिलाओ को प्रत्येक दिन 300 से 500 रुपये तक आमदनी प्राप्त हो रही है। महिलाओं द्वारा विभिन्न सेवाएं जैसे कि सौर उत्पाद सोलर टॉर्च, सोलर लालटेन, होम लाइटिंग सिस्टम, सोलर पावर बैंक, सोलर पंखा, टेबल लैंप, सोलर के खिलौनें, पैनल आदि की बिक्री करती है एवं रिपेयरिंग का कार्य किया जा रहा है।

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