बर्ड फ्लू का खतरा: 10 दिन में 4.85 लाख पक्षी मरे, MP और राजस्थान समेत 4 राज्यों में संक्रमण फैला 

नई दिल्ली (लाइवभारत24)। देश में कई राज्यों में बर्ड फ्लू का असर बढ़ता जा रहा है। देश भर में 10 दिन में 4.84 लाख 775 पक्षियों की मौत हो चुकी है। 4 राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। ऐसे में केंद्र सरकार ने दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया है, जो राज्यों के साथ संपर्क में रहेगा। हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। हरियाणा में रिपोर्ट आनी है, वहां 10 दिन में 4 लाख मुर्गियों की मौत हो चुकी। गुजरात में 53 पक्षियों की मौत हुई है, लेकिन बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई। दिल्ली अलर्ट पर है।मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए बुधवार को आपात मीटिंग बुलाई। उन्होंने जिला स्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए और सभी जिलों के पॉल्ट्री फार्मों में रेंडम चेक करने के लिए कहा।

  • प्रदेश के 10 जिलों में 400 कौवे मर चुके हैं। इंदौर में मरे 155 कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। 23 दिसंबर से 3 जनवरी के बीच मंदसौर में 100, आगर मालवा में 112 और खरगोन में 13 कौवों की मौत हो गई। प्रदेश में पहली बार 29 दिसंबर को बर्ड फ्लू का पता चला था।
  • मंदसौर एनिमल हसबैन्ड्री डिपार्टमेंट के अधिकारी डॉ. मनीष इंगोल का कहना है कि 4 कौवों के सैंपल में बर्फ फ्लू कंफर्म हुआ है। संक्रमण वाले इलाके के 1 किमी के दायरे में मेडिकल टीम जांच करेगी। झालावाड़ के बाद जयपुर, कोटा और बारां में भी मंगलवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई। प्रदेश में बीते 24 घंटे में 246 और कौवों की मौत हुई। अब तक कुल 717 कौवों की जान जा चुकी है। कोटा की रामगंजमंडी में 212 मुर्गियां मृत मिलीं।
  • जांच के लिए कुल 110 सैंपल भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (निशाद) भेजे जा चुके हैं। इनमें से 40 की रिपोर्ट आई, जिनमें 25 पॉजिटिव हैं। जोधपुर के सभी 15 सैंपल निगेटिव आए हैं। राज्य में पहली बार 31 दिसंबर को बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।
  • पौंग बांध झील अभयारण्य में मारे गए बार हेडेड गूज और दूसरे पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जालंधर, पालमपुर लैब के बाद अब भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान की रिपोर्ट में भी एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा पाया गया है।
  • हिमाचल में पक्षियों के मरने का पहला मामला 28 दिसंबर को सामने आया था। राज्य में अब तक 2403 प्रवासी पक्षी मारे जा चुके हैं।
  • प्रदेश सरकार ने अलर्ट जारी करने के साथ ही स्थिति पर काबू पाने के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। कांगड़ा के चार उपमंडलों में मछली, मुर्गे और अंडों की बिक्री को बैन कर दिया है।
  • केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों में बर्ड फ्लू के मामले आए हैं। सरकार ने इसे राज्य आपदा घोषित कर दिया है। हाई अलर्ट भी जारी किया है।
  • प्रदेश में बर्ड फ्लू से 12 हजार बतखें मर चुकी हैं। जिन इलाकों में बर्ड फ्लू के केस आए हैं, वहां 40 हजार पक्षियों को मारने के आदेश दिए गए हैं।

जूनागढ़ में एक बांध के पास सोमवार को 53 पक्षी मरे हुए मिले थे। हालांकि, सरकार बर्ड फ्लू फैलने से इनकार कर रही है। सरकार का कहना है कि दो पक्षियों की ऑटोप्सी रिपोर्ट में जहर से मौत होने की बात सामने आई है।

  • पंचकूला के बरवाला इलाके के 20 पॉल्ट्री फार्म में 4 लाख से ज्यादा मुर्गियां मरने की बात पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने मानी है। अब एडवाइजरी भी जारी की गई है।
  • हालांकि, मुर्गियों के मरने की वजह क्या है, इसकी जांच के लिए सैंपल जालंधर भेजे गए हैं, रिपोर्ट का इंतजार है। अगर बर्ड फ्लू की बात सामने आती है, तो देश में इस बीमारी से मरने वाले पक्षियों की संख्या 4.84 लाख से ऊपर पहुंच जाएगी।
  • सरकार ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि जिन इलाकों में बीमारी नहीं है, वहां पॉल्ट्री प्रोडक्ट्स पकाकर खाए जा सकते हैं।

कई राज्यों में पक्षियों की बर्ड फ्लू से मौत के मामले सामने आने के बाद दिल्ली सरकार भी अलर्ट पर है। केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के बाद दिल्ली सरकार ने भी एहतियाती कदम उठाते हुए निर्देश जारी किए हैं। पक्षियों की मौत का कोई भी मामला सामने आने पर तुरंत स्टेट नोडल पशुपालन विभाग को रिपोर्ट करने को कहा गया है।

  • बर्ड फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जैसे सांस लेने में समस्या, उल्टी होने का अहसास, बुखार, नाक बहना, मांसपेशियों, पेट के निचले हिस्से और सिर में दर्द रहना।
  • इंसानों में यह बीमारी मुर्गियों और संक्रमित पक्षियों के बेहद पास रहने से होती है। इसका वायरस (एवियन इन्फ्लूएंजा) इंसानों में आंख, नाक और मुंह के जरिए फैलता है।
  • यह वायरस काफी खतरनाक होता है और इंसानों की जान तक ले सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि इंसान में इस वायरस से निमोनिया होता है तो, वह खतरनाक हो जाता है।

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