कई दशकों तक सत्ता में रहने वाले अब किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहे : मोदी

नई दिल्ली(लाइवभारत24। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- एनडीए सरकार ने पिछले 6 सालों में किसानों के लिए जितना काम किया, उतना किसी और सरकार ने नहीं किया उन्होंने कहा- किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, वे किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, इन बिलों के आने से ऐसा नहीं होगा ,खेती से जुड़े बिलों पर मचे हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि संसद में पास हुए ऐतिहासिक बिलों से किसानों को सुरक्षा मिलेगी। जो कई दशकों तक सत्ता में रहे वे किसानों को बहकाने की कोशिश कर रहे हैं, एग्रीकल्चर बिलों के बारे में किसानों से झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान सब जानते हैं। वे देख सकते हैं कि बिचौलियों का साथ कौन दे रहा है। हमारी सरकार किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए कमिटेड है। एनडीए सरकार ने पिछले 6 सालों में किसानों के लिए जितना काम किया, उतना किसी और सरकार ने नहीं किया। मोदी ने कहा, ‘मैं देशभर के किसानों को इन विधेयकों के लिए बहुत बधाई देता हूं। किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे। किसानों को अपनी उपज देश में कहीं पर भी, किसी को भी बेचने की आजादी देना, ऐतिहासिक कदम है। 21वीं सदी में भारत का किसान, बंधनों में नहीं, खुलकर खेती करेगा, जहां मन आएगा अपनी उपज बेचेगा, किसी बिचौलिए का मोहताज नहीं रहेगा और अपनी उपज, अपनी आय भी बढ़ाएगा।’उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार किसानों को समर्थन मूल्य (एमएसपी) के जरिए उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इसके लिए पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी। अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं देगी। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान और गेहूं जैसी अन्य फसलों की खरीद सरकार नहीं करेगी। ये सरासर झूठ है। गलत है। किसानों के साथ धोखा है।’ फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल,फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज बिल,एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल इन तीनों विधेयकों को सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 5 जून को ऑर्डिनेंस के जरिए लागू किया था। तब से ही इन पर हंगामा मचा हुआ है। केंद्र सरकार इन्हें अब तक का सबसे बड़ा कृषि सुधार कह रही है। लेकिन, विपक्षी पार्टियों को इनमें किसानों का शोषण और कॉरपोरेट्स का फायदा दिख रहा है।
इन बिलों का पंजाब में विरोध हो रहा है। इसे देखते हुए शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज मिनिस्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को इस्तीफा मंजूर कर लिया।

One thought on “कई दशकों तक सत्ता में रहने वाले अब किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहे : मोदी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!