मोदी को राजस्थान का तमाशा रोकना चाहिए: गहलोत

जयपुर/जैसलमेर(लाइवभारत24)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने गुट के विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट करने के एक दिन बाद शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री को राजस्थान में चल रहा तमाशा रोकना चाहिए। यहां हॉर्स ट्रेडिंग के रेट बढ़ गए हैं। गहलोत ने केंद्रीय मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संजीवनी को-ऑपरेटिव सोसायटी के घोटाले में शेखावत का नाम आ चुका है। कोर्ट ने भी जांच के निर्देश दिए हैं। ऐसे में शेखावत को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। खरीद-फरोख्त का खतरा बढ़ने की वजह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने गुट के विधायकों को राजधानी जयपुर से 570 किलोमीटर दूर जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस होटल में पहुंचा दिया है। खुद गहलोत 15 मंत्री और 73 विधायकों समेत कुल 88 विधायक शुक्रवार को शिफ्ट हो गए। चार विधायकों के शनिवार को जैसलमेर पहुंचने और गहलोत के जयपुर लौट आने के आसार हैं।
गहलोत के 6 मंत्रियों समेत 14 विधायक अभी बाहर हैं। इनमें बीमार चल रहे तीन विधायक- परसराम मोरदिया, मास्टर भंवरलाल मेघवाल और बाबूलाल बैरवा हैं। छह मंत्रियों, तीन बीमार विधायकों और स्पीकर को छोड़ गहलोत गुट के बाकी बचे चार विधायकों के आज जैसलमेर पहुंचने के आसार हैं। विधानसभा का सत्र 14 अगस्त को शुरू होगा। तब तक विधायकों के जैसलमेर में ही रहने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा- ‘मैं जयपुर में रहूंगा। मंत्री भी यहीं रहेंगे। ज्यादातर लोग आते-जाते रहेंगे। गवर्नेंस में कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं होगा। कोरोना को लेकर रोज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहा हूं। कानून व्यवस्था संभाल रखी है, लेकिन सरकार बचाना भी जरूरी है।’
वही गहलोत और सचिन पायलट गुट के जो विधायक होटलों में रुके हैं, उनके वेतन-भत्ते रोकने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) लगाई गई है। पिटीशन लगाने वाले विवेक सिंह जादौन का कहना है कि कोरोना की वजह से राज्य की फाइनेंशियल हालत ठीक नहीं है, लेकिन विधायक अपने इलाकों में जाने की बजाय होटलों में रुके हुए हैं।
विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह के वॉइस सैंपल लेने के लिए एसओजी ने शुक्रवार को सीएमएम कोर्ट में अर्जी लगाई। विधायक भंवरलाल शर्मा के वॉइस सैंपल भी लिए जाएंगे। एसओजी ने कहा है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के वायरल ऑडियो की एफएसएल रिपोर्ट आ गई है। अभी तक की जांच के आधार पर मंत्री और विधायक के वॉइस सैंपल लेना सही होगा।

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